एएमयू के विकास को नुकसान पहुंचा रही है केंद्रीय मानव संसाधन मंत्री : कुलपति जनरल शाह

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अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी (AMU) के VC जमीरुद्दीन शाह ने स्मृति ईरानी पर यूनिवर्सिटी की ग्रोथ को नुकसान पहुंचाने का इल्जाम लगाया है। VC ने बताया कि केंद्रीय मानव संसाधन मंत्री स्मृति ईरानी ने उनसे कहा कि केरल, मगरिबी बंगाल और बिहार में यूनिवर्सिटी के ऑफ कैंपस गैरकानूनी हैं। उन्होंने कहा कि जबकि हमें फंड की जरूरत है, मंत्री ऐसा कह यूनिवर्सिटी को नुकसान पहुंचा रही हैं।

हाल के दिनों में कैंटीन में बीफ परोसने और कैंपस में ऐंटी नैशनल गतिविधि के इल्जाम वाले बीजेपी एमपी सतीश गौतम के खत को लेकर एएमयू चर्चा में रही है। VC ने कहा कि ईरानी की इस बात से यूनिवर्सिटी अचंभित है। उन्होंने कहा कि AMU के ये सेंटर केंद्र सरकार की मुस्लिमों में शिक्षा का स्तर बढ़ाने की योजना के ही हिस्सा हैं।

AMU की अकैडिमक और एग्जिक्युटिव काउंसिल ने AMU ऐक्ट के हिसाब से इस योजना को अप्रूव किया था। मई 2010 में एएमयू में राष्ट्रपति के आने के दौरान इसे अंतिम सहमति मिली थी। VC ने कहा कि हमें फंड के अलावा मल्लापुरम (केरल), किशनगंज (बिहार) और मुर्शिदाबाद (मगरिबी बंगाल) में अपने ऑफ कैंपस के लिए स्थाई भवन की जरूरत है।

उन्होंने कहा कि यूपीए हुकूमत ने भी इस दिशा में कुछ नहीं किया। कुलपति ने कहा कि फंड के अभाव में हम लोग योजना के मुताबिक नए डिपार्टमेंट नहीं बना पा रहे हैं। पिछले दिनों कुलपति ने स्मृति ईरानी को एक खत भी लिखा था। इसमें बीएचयू और जामिया की तुलना में काफी कम फंड की बात कही गई थी।

प्रो वीसी अहमद अली ने कहा कि ऑफ कैंपस सेंटरों के लिए भी जितने फंड की व्यवस्था की गई थी, वो भी नहीं मिला। डॉक्यूमेंट के मुताबिक मल्लापुरम के लिए 104.93 करोड़ रुपए की व्यवस्था थी, जबकि मिले 60 करोड़ रुपए।

इसी तरह मुर्शिदाबाद के लिए 107.80 करोड़ की जगह 60 करोड़ और किशनगंज के लिए 136.82 करोड़की जगह केवल 10 करोड़ मिले। सिआसत

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