ओखला में डेंगू का कहर बरकरार,अब तक हो चुकी हैं कई मौतें, फिर दो की मौत

dengu bukhar deth
नई दिल्ली (सदा ए भारत टीम ) दक्षिण पूर्वी दिल्ली के ओखला विधानसभा क्षेत्र के जामिया नगर में ऐसा लग रहा है जैसे कि डेंगू ने महामारी का रूप धारण कर लिया है क्योंकि यहां अगस्त और सितंबर के महीने में लगभग दस से पंद्रह मौतें डेंगू बुखार के कारण हो चुकी हैं जिस में मर्द , औरत, बच्चे, और युवा शामिल हैं। यहाँ हर तरह से सफाई का भी विशेष ध्यान रखा जा रहा है लेकिन इसके बावजूद भी डेंगू वायरेस पर नियंत्रण नहीं हो रहा है और डेंगू का कहर ज्यों का त्यों बरकरार है। कुछ दिनों पहले भी दो मौतें हुई थीं आज भी दो मौत हुई है।
सुचना के अनुसार शाहीन बाग इलाके में 32 साल के राशिद और 8 साल के अरमान खान का डेंगू बुखार के कारण मौत हो गई, यह दोनों शाहीन बाग़ सी और ए ब्लॉक के रहने वाले थे। इस ब्लॉक में पिछले एक सप्ताह के अंदर पांच के आस पास मौतें हो चुकी हैं। दनों मौत की वजह डॉक्टरों ने डेंगू बताया है। राशिद को छह दिनों पहले बुखार हुआ था , उसका इलाज यहाँ के एक अस्पताल में शुरू हुआ और जाँच में डेंगू बुखार साबित हुआ ,जब उसकी हालत में सुधार नहीं हुआ तो अस्पताल ने बड़े अस्पताल के लिए रेफर कर दिया,राशिद को फिर एम्स लेजाईा गया जहाँ डॉक्टरों ने राशिद को मृत घोषित कर दिया और राशिद के घर वालों से कहा कि आप लोगों ने यहां लाने में बहुत देर कर दी इस लिए हम उसे नहीं बचा पाए।
आज के इस घटना से ओखला के लोगों में दहशत का माहौल है। जनता ने दिल्ली सरकार और एमसीडी पर अपनी नाराजगी भी जताई और और आरोप लगाया कि यहां डेंगू से हो रही मौतों का जिम्मेदार यही लोग हैं।

आ पक बता दें कि अब तक दिल्ली के ओखला में सबसे सब से ज्यादा डेंगू से लोगों की मौतें हुईं और काफी सारे लोग अस्पतालों में जीवन और मौत की लड़ाई लड़ रहे हैं। यहां डेंगू से मौतें क्यों हो रही इस पर शायद अब किसी ने गौर नहीं किया है अगर किया होता तो शायद अब तक उस पर नियंत्रण कर लिया गया होता।
आप को यह भी बता दें कि अब से कुछ दनों पहले एक सर्वेक्षण आया था जिसमें यह बात साबित हुई थी कि डेंगू उन स्थानों में पैदा हो रहे हैं जहां नए घरों के निर्माण हो रहे हैं। सर्वेक्षण में बताया गया था कि चूंकि इसमें जब मकानों की तराई होती है तो सारा पानी बेसमेंट में आकर जमा हो जाता है और वह कई दिनों तक यूं ही जमा रहता है जिस से डेंगू मचार पैदा होता है। शायद यही बात सच है।
जब यह बात यहां के एमएलए को पता चली तो उन्होंने उन स्थानों का दौरा किया और लगभग एक सौ साठ घर उनको ऐसे मिले जिस के बेसमेंट में साफ पानी जमा मिला। उन्होंने सभी माकन बनाने वालों लोगों से सख्ती से कहा कि इसका पानी जल्द निकाला जाए वरना कानूनी काोराई की जाएगी।
इसके बाद सदा ए भारत ने भी इन स्थानों का दौरा किया जिस में ज्यादातर घर ऐसे मिले जहां आज भी पानी मौजूद है। समय रहते अगर इस पर सख्ती से काराई नहीं की गई तो शायद सच में डेंगू का प्रकोप ओखला क्षेत्र में महामारी का रूप धारण कर ले।
यहाँ जनता को एक बात की तरफ और ध्यान दिलाना चाहूंगा। यहाँ ओखला में ज्यादातर अस्पताल ऐसे हैं जहाँ पर सर पैसे कमाने के लिए मरीज को उस वक़्त तक रक्खा जता जबतक की उसकी हालात सीरियस न होजाये ,और जब ऐसा होता है तब अस्पताल हाथ खड़े कर लेता है और कहता है की कसीस बड़े अस्पातल में लेजाएँ। जबतक वहां मरीज़ को लेजाया जाता है तबतक मामिला बगड़ चूका होता , इसी लिए मरीज़ का या तो रस्ते मैं मौत हो जाती है या अस्पताल इलाज के बीच।

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