विश्व उर्दू दिवस : मज़हब नहीं सिखाता आपस में बैर रखना – डॉ. इक़बाल

iqbaal Dayजोधपुर ( सदा ए भारत डेस्क ) सारे जहां से अच्छा हिन्दोस्ताँ हमारा, हम बुलबुल हैं इसकी, ये गुलस्तिं हमारा, मज़हब नहीं सिखाता, आपस में बैर रखना, हिन्दी हैं हम वतन है हिन्दोस्ताँ हमारा।
ये राष्ट्र प्रेम से ओत प्रोत, कौमी तराना लिखने वाले मशहूर शायर व लेखक डॉ. सर अल्लामा मुहम्मद इक़बाल‘ के जन्मोत्सव को पूरी दुनिया में विश्व उर्दू दिवस के तौर मनाया जात है।
अल्लामा इक़बाल के 139वें जन्मोत्सव एवं विश्व उर्दू दिवस के मौक़े पर मारवाड़ मुस्लिम एज्यूकेशनल एण्ड वेलफेयर सोसायटी के अधीन संचालित कमला नेहरू नगर स्थित फिरोज खान मेमोरियल गर्ल्स सीनियर सैकेण्डरी विद्यालय जोधपुर में बुधवार को ‘उर्दू भाषा के प्रति जागरूकता और अल्लामा इक़बाल को खिराज ए अकीदत (श्रृदांजलि) कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
प्रिन्सीपल शमीम शेख ने बताया कि हाथों में उर्दू अक्षरों की तख्तियां थाम कर, उर्दू सहेज़ने एवं इसको बढ़ावा देने का संदेश दिया गया। साथ ही यह बताया गया कि उर्दू एक भाषा के साथ-साथ संस्कृति है। उर्दू भाषा हमारी गंगा-जमुना संस्कृति की पहचान है। हमें उर्दू की तरक्क़़ी के लिए इसका ज्यादा से ज्यादा अपनी ज़िन्दगी में इस्तेमाल करना चाहिए।
वाइस प्रिन्सिपल स्नेहा त्रिवेदी और शिक्षिका फरूख तस्कीन जई ने जानकारी दी कि इस मौक़े पर छात्राओं ने ‘सारे जहां से अच्छा हिन्दुस्तां हमारा…….. गीत पेश कर स्वर्गीय अल्लामा इक़बाल को श्रृदांजलि (खिराज ए अकीदत) दी।

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