PM मोदी इतिहास में जगह बनाने के लिए इतिहास मिटा रहे हैं ? खादी ग्रामोद्योग कैलेंडर से महात्मा गांधी की तस्वीर गायब क्यों ?

मुंबई ( एस.बी.डेस्क एडिटेड ) प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हर जगह छाए रहना चाहते हैं। संविधान दिवस के मौके पर प्रधानमंत्री ने विज्ञापन में बाबा साहब अंबेडकर से बड़ी फोटो छपवाई। अब उन्होंने खादी ग्रामोद्योग के सालाना कैलेंडर और डायरी से महात्मा गांधी को ही गायब करा दिया।
इस पर पर प्रश्न उठाना लाज़मी है की क्या मोदी जी इतिहास में जगह बनाने के लिए इतिहास मिटा रहे हैं क्या है ? खादी ग्रामोद्योग की ओर से जारी किए जाने वाले सालाना कैलेंडर और डायरियों पर हर साल महात्मा गांधी की तस्वीर छपती रही है। लेकिन, इस बार कैलेंडर और डायरी से उनकी तस्वीर गायब है और उसकी पीएम नरेंद्र मोदी के फोटो ने ले ली है।

खादी ग्रामोद्योग आयोग के आधिकारिक सूत्रों ने रविवार को इस बात की पुष्टि की। आयोग के ज्यादातर कर्मचारी और अधिकारी उस वक्त हैरान रह गए, जब कैलेंडर के कवर पर गांधी जी की बजाय पीएम नरेंद्र मोदी की तस्वीर दिखी। इस तस्वीर में नरेंद्र मोदी चरखा चलाते दिख रहे हैं। इससे पहले गांधी जी की भी चरखा चलाने की तस्वीर ही छपती थी।

एनबीटी के अनुसार, इस बारे में संपर्क किए जाने पर आयोग के चेयरमैन विनय कुमार सक्सेना ने कहा कि यह हैरान होने जैसी बात नहीं है और पहले भी ऐसा होता रहा है। सक्सेना ने कहा, ‘पूरा खादी उद्योग ही गांधी जी के दर्शन, विचारों और आदर्शों पर आधारित है। वह खादी ग्रामोद्योग की आत्मा जैसे हैं। ऐसे में उन्हें नजरअंदाज किए जाने का कोई सवाल ही नहीं उठता।’

उन्होंने कहा कि पीएम नरेंद्र मोदी भी लंबे समय से खादी पहनते रहे हैं। खादी में उन्होंने अपना स्टाइल विकसित करते हुए बड़ी संख्या में भारतीयों समेत विदेशियों को भी इसकी ओर आकर्षित किया है। सक्सेना ने कहा, ‘पीएम मोदी खादी के सबसे बड़े ब्रैंड ऐंबैसडर हैं। उनके ‘मेक इन इंडिया’ विजन के तहत खादी ग्रामोद्योग गावों को आत्मनिर्भर बनाने और स्किल डिवेलपमेंट के जरिए युवाओं को रोजगार देने के प्रयास में जुटा है। खादी को बुनने के लिए नई तकनीक का इस्तेमाल हो रहा है। नए प्रयोग हो रहे हैं और मार्केटिंग को भी बेहतर करने पर जोर दिया जा रहा है।’

आयोग के कर्मचारी ने नाम उजागर न करने की शर्त पर कहा, ‘सरकार की ओर से इस तरह महात्मा गांधी के दर्शन, विचारों और आदर्शों को खारिज किए जाने से हम दुखी हैं। पिछले साल ऐसा पहला प्रयास किया गया था, जब कैलेंडर में पीएम मोदी की तस्वीर छापा गया।’ 2016 के कैलेंडर में पीएम मोदी की तस्वीर छापे जाने के मुद्दे को आयोग की स्टाफ यूनियंस ने उठाया था। इस पर मैनेजमेंट की ओर से भविष्य में ऐसा न होने का आश्वासन दिया गया था।

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