मोदी युग समाप्त योगी युग प्रारंभ,आरएसएस को अब योगी पसंद है

( विशेष लेख एस.बी.टीम ) उत्तर प्रदेश विधान सभा चुनाव में प्रचंड बहुमत हासिल करने वाली भाजपा ने आख़िर आज आरएसएस के चहेते योगी आदित्यनाथ को मुख्यमंत्री मान लिया।

हमने सदा-ए-भारत पर योगी को आरएसएस द्वारा परमोट करने की खबर चुनाव पूर्व ही बता दी थी। यही नहीं अगर भाजपा चुनाव हार भी जाती तब भी वह योगी को मोदी जैसी कट्टर हिंदुत्व छवि के कारण परमोट करते।

दरअसल आरएसएस 2019 से पहले मोदी के समान छवि वाले नेता को लाकर भविष्य की ओर बढ़ना चाहती थी। वह सिर्फ़ मोदी पर निर्भर रहना नहीं चाहती थी।

आरएसएस की परंपरा रही है कि वह दो नेताओं को एक साथ रखती है अटल अडवानी युग में अडवानी कट्टर हिंदुत्व को आगे बढाते थे तो दूसरी ओर अटल जी विकास और सबका साथ की बात करते थे।

और जब अडवानी थोड़े नरम दिखे तो आरएसएस ने हिंदुत्व के दूसरे बड़े चेहरे यानी मोदी को परमोट कर दिया।

उसी परंपरा को आगे बढाते हुए योगी को परमोट किया गया है।आरएसएस देश का ऐसा संगठन है जो बिना स्वार्थ हिंदुत्व के एजंडे को आगे बढाता है स्वयं सेवक संघ के लिए बिना किसी पद के लालच के दिन रात मेहनत करते हैं। और दूसरे हिंदू संगठनों को जैसे हिंदू महा सभा, बजरंग दल इत्यादि को एक साथ रखने का प्रयास करते हैं।

आरएसएस भले ही चुनाव नहीं लड़ती लेकिन वह अपने स्वयं सेवकों को मुसाद के जैसे हर पार्टी में भेजती है। और यही उसकी सफलता का कारण है वह अपने सहयोगी संगठनों को भी चुनाव मैदान में उतरने नहीं देती ताकि हिंदू मतों का विभाजन ना हो।

यही कारण आज वह देश की सबसे सफल संगठन है। जाहरी तौर पर वह सत्ता में नहीं होती लेकिन उसकी ही पसंद का पीएम और सीएम बनता है।एकता की बात करने वाले मुस्लिम संगठनों को आरएसएस से कुछ सीखना चाहिए।

चुनाव लड़ना ही कमाल नहीं है बल्कि बिना लड़े अपने स्वयं सेवकों के द्वारा देश को हिंदुत्व के एजंडे पर चलाना है जिस में आरएसएस कमयाब है। आरएसएस में मौका परस्ती निजी है स्वार्थ जैसी कुछ बातें नहीं हैं उनका एक ही मक्सद हिंदुत्व जिसको उसके स्वयं सेवक निस्वार्थ पूरा करते हैं।

Facebook Comments

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *