बाबू कुरैशी को साउथ दिल्ली मोमिन कॉन्फ्रेंस के समर्थन पर बौखलाए कुछ कोंग्रेसी फ़र्ज़ी प्रेस रिलीज़ दुवारा बता रहें हैं एस.बी.खबर को झूटी

नई दिल्ली ( एस.बी.टीम ) दिल्ली एमसीडी चुनाव ओखला वार्ड 102$ अबुल फजल से सपा प्रत्याशी मो. बाबु कुरैशी को जिस प्रकार से समर्थन मिल रहा है। उस से इस वार्ड के प्रत्याशियों में खलबली है।
इस वार्ड में बिहार के लोगों की संख्या काफी है जिसके चलते कांग्रेस ने यहां से उनके बीच से अपना उम्मीदवार बानाया है जिनका संबंध बिहार से है।  लेकिन हाजी बाबु को हर क्षेत्र की जनता और जाति का समर्थन मिल रहा है जो सपा के उम्मीदवार हैं।

अखिलेश यादव ने मुख्यमंत्री रहते यहाँ की जनता को कब्रिस्तान के लिए जमीन देकर अबुल फजल की जनता का बहुत बडी समस्या का समाधान किया है।

माना यह जा रहा है कि सपा द्वारा कब्रिस्तान की जमीन दिए जाने के कारण ही यहां की जनता क्षेत्र और जाति से ऊपर उठकर हाजी बाबू का भारी संख्या में समर्थन कर रही है।

उसी कडी में मोमिन कांफ्रेंस साउथ दिल्ली के अध्यक्ष मकसूद आलम साहब ने जो बिहार से संबंध रखते हैं हाजी बाबू से मिलकर समर्थन दिया। उनके समर्थन देने पर सदाएभारत व अन्य मिडिया ने खबरें प्रकाशित कीं ।

मकसूद आलम के समर्थन से बिहारी वोटों में सेंध लगता देख कांग्रेस के समर्थकों ने बौखलाहट में सदाएभारत पर झूठी खबरें चलाने का आरोप मढ दिया। और तर्क में जिस दस्तावेज को प्रसतुत किया वह दस्तावेज ही फर्जी है।

उपर दी गई फोटो में आल इंडिया मोमिन कांफ्रेंस के लेटर हेड पर जिस प्रेस रिलीज के सहारे यह आरोप लगा रहे हैं वह फर्जी है। क्योंकि उस पर ना अध्यक्ष का कोई कांटेकट नंबर है और ना ही मोहर है। और ना ही दाईं ओर कोई नंबर अंकित है। ऐसा लगता है लेटर पैड लेकर खुद ही मेटर लिखकर साइन कर दिया गया हो। और नीचे जिन सज्जन का नाम और साइन है वह अध्यक्ष नहीं बल्कि जनरल सीक्रेट्री रहे हैं।

आप को बताते चलें कि गत 11 जनवरी 2017 को मकसूद आलम को एआईएमसी साउथ दिल्ली का अध्यक्ष और इमरान अंसारी को दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष और डा० मुशताक अंसारी को दिल्ली प्रदेश का जनरल सिक्रेट्री का पद दिया गया था।

प्रेस रिलीज फर्जी होने का एक दूसरा सबसे बडा कारण अंग्रेज़ी में लिखे मेटर में भारी गलतियां जो इतने बडे एनजीओ से होना असंभव है।

अंत में आप पाठक बताएं कि कांग्रेस की भक्ति में मस्त कांग्रेस समर्थक झूठी खबर फैला रहे हैं या सदाएभारत। हमने बाबू कुरैशी के संग मकसूद आलम की तसवीरें भी लगाई थीं।और कहते हैं तसवीरें झूठ नहीं बोलतीं। हम पर आरोप लगाने से बेहतर यह लोग खंडन करें कि मकसूद आलम ए एम सी की दिल्ली अध्यक्ष नहीं हैं।

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