मध्यप्रदेश में किसानों की हत्या की दोषी है सरकार, इस्तीफ़ा दें मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान

नई दिल्ली ( एसबी टीम ) देश के किसान को जब अपनी मांगों को लेकर सड़कों पर उतरकर लड़ने की ज़रूरत पड़ती है तो ये किसी भी कृषि प्रधान देश के लिए बेहद दुख की बात है। फिर सरकार अगर उन किसानों पर गोलियां चलवाकर उनकी हत्या कराती है तो यह बेहद गंभीर हो जाता है। मध्यप्रदेश में किसानों की मांगों को मानने की बजाए सरकार ने किसानों पर गोलियां चलवाकर किसानों की हत्या करवा दी। यह बेहद अजीब बात है कि एक पूर्ण राज्य के मुख्यमंत्री को शांति बनाए रखने के लिए उपवास का नाटक करना पड़ता है। यह बात सच है कि मध्यप्रदेश के किसानों को उनकी फ़सल का उचित दाम नहीं मिलता और किसानों से सस्ती फ़सल लेकर आगे मंहगी बेची जाती है। किसान कर्ज़ में दबता जा रहा है और सरकार किसानों की आवाज़ नहीं सुन रही है। आम आदमी पार्टी मांग करती है कि मध्यप्रदेश में किसानों की हत्या करने वाले अधिकारियों पर मुकदमा दर्ज़ किया जाए और उन्हें गिरफ़्तार किया जाए और साथ ही प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को भी अपने पद से इस्तीफ़ा देना चाहिए।
पार्टी कार्यालय में आयोजित हुई प्रैस कॉंफ़्रैंस में बोलते हुए पार्टी के वरिष्ठ नेता संजय सिंह ने कहा कि ‘शिवराज सिंह उपवास का जो ड्रामा कर रहे थे अब वो खत्म हो गया है। ये बड़े दुख की बात है कि प्रदेश में शांति की अपील के लिए सीएम को उपवास करना पड़ता है। गज़ब नौटंकी है कि एक पूर्ण राज्य के सम्पूर्ण मुख्यमंत्री पहले तो खुद किसानों पर गोली चलवाते हैं और फिर उपवास का ड्रामा करते हैं। एक बूढ़ी महिला को डंडे मारे जाते हैं। एक के बाद एक कई किसान को मार दिया जाता है।
आप नेता संजय सिंह ने कहा कि ‘हम जब किसानों से मिलने मध्यप्रदेश गए तो लोगों ने हमें बताया कि किसानों की मौत सरकार की वजह से हुई है, सरकार ने किसानों की हालत बेहद दयनीय कर दी है। नीमच में 62 तरह की फसल होती है। किसानों को आंदोलन करने की ज़रूरत इसलिए पड़ी क्योंकि वहां किसानों से सस्ते दाम में फसल खरीदकर आगे महंगी बेची जाती है। मध्यप्रदेश की ये बीजेपी सरकार किसानों को अनदेखा कर मुनाफ़ाखोरो को बढ़ावा दे रही है इसलिए किसान सड़कों पर उतरा है।
किसानों की फसल पे लागत के 50% मुनाफे की बात बीजेपी ने खुद कही थी लेकिन आज हालात ये हैं कि 5 किसान प्रतिदिन मध्यप्रदेश में आत्महत्या करते हैं। आम आदमी पार्टी पूछना चाहती है कि किसान के साथ अन्याय क्यों किया जा रहा है। क्यों दिल्ली में पीएमओ के पास जाकर किसान को मूत्र पीना पड़ता है? कर्ज़ माफी के नाम पर क्यों उत्तरप्रदेश के किसानों को धोखा देने की कोशिश हो रही है?

अगर आज भाजपा की सरकार अपने बड़े बड़े पूंजीपति मित्रों से कर्ज़ लेकर वो पैसा किसानों को दे दे तो किसानों की मुसीबत दूर हो सकती है। लेकिन भाजपा सरकार ऐसा नहीं कर रही है, मध्यप्रदेश में एक किसान को 4 हजार रुपए कर्ज़ न देने की वजह से तहसील की जेल में बंद कर दिया जाता है लेकिन विजय माल्या सरकारी बैंकों का 9 हजार करोड़ रुपया कर्ज़ लेकर लंदन में क्रिकेट मैच देख रहे हैं तो सरकार विजय माल्या पर कोई एक्शन नहीं ले रही है। यहां भारतीय जनता पार्टी की किसान विरोधी मानसिकता का परिचय मिलता है।
भारत एक कृषि प्रधान देश है और 70% देश किसान और खेती के ऊपर ही निर्भर करता है। लेकिन दुर्भाग्य की बात है कि भाजपा आज देश के इसी अन्नदाता को कुचलने और ख़त्म कर देने की कोशिश कर रही है। आम आदमी पार्टी का मानना है कि भाजपा सरकार की पुलिस की गोलियों को अपनी छाती पर खाने वाले किसान शहीद हुए हैं। हम मांग करते हैं कि किसानों की हत्या करने वाले पुलिस अधिकारियों पर कार्रवाई की जाए, साथ ही प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह को अपने पद पर बने रहने का भी कोई हक़ नही है। पहले तो सरकार किसानों के कर्ज की माफ़ी करे और उसके बाद स्वामीनाथन रिपोर्ट के अनुसार किसानों को उनकी फ़सल का उचित दाम उन्हें दिया जाए।

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