जामिया मिल्लिया के UPSC कोचिंग की सीटों में हर साल हो रही है कटौती, 200 से पहुंचा 125

नई दिल्ली ( एस.बी.टीम विशेष ) जामिया मिल्लिया इस्लामिया में 2014 से स्थापित आईएएस रेसीडेंशियल कोचिंग अकेडमी लगातार मुस्लिम, महिलाएँ, एससी और एसटी की शिक्षा में काफ़ी अहम भूमिका निभाती आ रही है। यहाँ पर सभी मुस्लिम, महिलाओं, एससी और  एसटी को सिविल सर्विसेज़ जैसे ऊँचे ओहदों पर पहुँचने के लिए मुफ़्त में कोचिंग प्रदान करायी जाती है। हर साल इस कोचिंग का परिणाम भी काफ़ी बेहतरीन आता रहा है। लेकिन 2016 से कोचिंग की लगातार सीट कटौती को देखते हुए छात्रों में बेचैनी बनी हुई है।

ये काफ़ी परेशानी वाली बात है कि जो संस्था ऐसी कोचिंग के ज़रिए आज के समय में समाज के पिछड़े तबक़ों का विकास करने में सहयोग दे रहा हो उसकी सीटों में लगातार कटौती देखी जा रही है।

2016 में कोचिंग की कुल 200 सीट थीं जिसमें से 150 लड़के और 50 लड़कियों के लिए। वहीं 2017 में सीटों को घटा कर 150 कर दिया गया जिस में 115 लड़के और 35 लड़कियाँ। अब 2018 के लिए 150 से घटा कर कुल 125 सीटें कर दी गयी हैं लेकिन लड़कियों और लड़कों के लिए अलग से सीटों का कोई डेटा नहीं दिया हुआ है।

कोचिंग सिर्फ़ तब ही सीटों में कटौती कर सकती है जब उपलब्ध सीटों के हिसाब से छात्र मौजूद ना हों। लेकिन कोचिंग का परिणाम देख कर लगता नहीं है कि हमारे समाज में प्रतिभा की कमी है।

आपको बता दें की दिसंबर 2011 में तत्कालीन कुलपति नज़ीब जंग द्वारा आइएएस रेसीडेंशियल कोचिंग अकेडमी की नींव रखी गयी थी। उसके बाद मार्च 2014 में एनसीटी के तत्कालीन लेफ़्टिनेंट गवर्नर के तौर पर नज़ीब जंग ने ही कोचिंग का उद्घाटन किया था।

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