जामिया मिल्लिया के परीक्षा विभाग में करप्शन मामले पर गठित समिति का छात्रों के साथ बैठक

नई दिल्ली ( एस.बी.टीम ) आज जामिया मिल्लिया इस्लामिया में परीक्षा विभाग के विरूद्ध शिकायतों के चलते गठित हुई समिति की बैठक हुई। इस समिति की बैठक में जामिया प्रशासन के आला अधिकारी अथवा जामिया छात्रो का प्रतिनिधित्व कर रहे छात्र साहिल अहमद, ज़ुबैर चौधरी, खुशबू खान, नक़ी मोहम्मद और अतीब खान मौजूद थे।

छात्र प्रतिनिधि ने समिति में परीक्षा नियंत्रक के गैर समावेश को शामिल करने के लिए मीटिंग के शुरूआत में एक आवेदन का विरोध किया और एक आवेदन दिया। रजिस्ट्रार ने स्पष्ट किया कि परीक्षा नियंत्रक को केवल छात्रों के साथ प्रत्यक्ष रूप से शिकायत को सीधे विश्वविद्यालय के अन्य अधिकारियों की उपस्थिति में सुनने के लिए शामिल किया गया है।

समिति में जामिया मिलिया इस्लामिया छात्रों की समस्याओ और कठिनाइयों के बारे में चर्चा हुई। प्रशासन ने परीक्षा के परिणामों से संबंधित प्रमुख और मामूली मुद्दों को हल करने के लिए छात्रों के प्रतिनिधियों को सुनिश्चित किया है।

ज्ञात रहे की कुछ दिनों पहले जामिया के छात्र छात्रों ने परीक्षा विभाग कंट्रोलर दुवारा किये गए करप्शन के खिलाफ जामिया परिसर में धरना दिया था और कुलपति से मांग किया था की कंट्रोलर को फौरन पद से हटाया जाए। उस समय कुलपति ने छात्रों की मांग को संज्ञान में लाते हुए जाँच के लिए एक समिति गठित की थी जिस में छात्रों को शामिल किया गया था।

समिति ने निम्नलिखित मुद्दों पर विचार किया

1. 661 परिणाम 31 जुलाई तक घोषित किए गए हैं।

2. शेष 11 परिणाम 25 अगस्त तक घोषित किए जाएंगे।

3. सभी घोषित परिणामों के अंतिम वर्ष का अंक पत्र 25 अगस्त तक जारी किया जाएगा।

4. हार्ड कॉपी में मार्कशीट प्रदान की जाएगी।

5. कम्पार्टमेंट की परीक्षा का परिणाम 15, सितंबर, 2017 तक घोषित किया जाएगा।

6. अंतिम वर्ष में बैकलाग वाले विद्यार्थियों के प्रवेश से संबंधित मामले उपयुक्त समिति के लिए प्रवेश समिति में चर्चा करेंगे।

7. परीक्षा के नियंत्रक ने छात्रों से मिलकर काम करने के दिनों में 4 से 5 बजे के बीच का समय तय किया है।

8. छात्रों के साथ बातचीत करते समय परीक्षा नियंत्रक कार्यालय के कर्मचारी सहायक होते हैं और सकारात्मक तरीके से व्यवहार करते हैं।

9. सॉफ़्टवेयर से जुड़े विवरणों को सुधारा जाएगा।

10. ग्रिविएन्स से जुड़े छात्रों के आवेदनों को डीएसडब्ल्यू (डीन छात्र कल्याण) के माध्यम से भेजा जा सकता है।

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