गौरक्षकों ने फिर एक 70 वर्षीय मुस्लिम व्यक्ति को पीट पीट कर किया घायल

नई दिल्ली ( एसबी टीम विशेष ) आज पूरा देश गुरमीत सिंह बलात्कारी बाबा के काले करतूतों पर आँख कान सब कुछ लगाए बैठा है किसी को कोई खबर नहीं है की देश में डेरा के अलावा और किया चल रहा।

महंगाई आसमन छू रही हर महीने पेट्रोल डीजल के दाम बढ़ रहे, हत्याएं हो रही हैं, कुछ सूबे सैलाब में डूबे हैं , बच्चे अस्पतालों में मर रहे, गौरक्षा के नाम पर मुसलामनों की हत्याएं की जारही हैं, पुलिस वालों की गुण्डे हत्याएं कर रहे हैं ,औरतों को लोग अपनी हवस का शिकार बना रहे है और किया किया गिनाएं जो नहीं हो रहे हैं लेकिन इन सब के बावजूद नौकरशाह तमाशाई बने हैं और वह भी राजनेताओं के इशारे पर नाच रहे हैं, मीडिया भी खामूश है।

इसी बीच फिर सोशल मीडिया पर एक मुस्लिम बुजरुग की गौतस्करी के आरोप में गौरक्षकों दोवारा पीट पीट कर घायल करने की खबर चल रही है। हालाँकि सदा ए भारत इस खबर की पुष्टि नहीं करता लेकिन कुछ न कुछ तो ज़रूर है यूँही सोशल मीडिया पर नहीं चल सकती।

जो सोशल मीडिया पर चल रहा है वह इस प्रकार है “गौआतंकियों ने जहा बंगाल में आज 2 मुस्लिम नवयुवकों को गाय चोरी के शक में पीट-पीटकर मार डाला वही आज इनका दूसरा शिकार बने लाल हुसैन जिनकी उम्र 70 साल से ज़्यादा है और ये रजौरी जम्मू के रहने वाले है।
इनपर भी पशु तस्करी का इल्जाम लगाकर इतनी बेदर्दी से पीटा गया।
कब तक यु खामोश रहकर सरकार, कौमी रहनुमाओं और दूसरों से उम्मीदे लगाओगे आखिर कब तक ?
शायद उस वक़्त का इंतज़ार है जब खुद की बारी आयेगी। याद रखो ज़ुल्म जब हद से ज्यादा बढ़ जाये तो उसके खिलाफ आवाज़ उठाना पड़ती है, खामोश रहकर और दुनिया के डर से ज़ुल्म खत्म नही होता।
इस देश मे बलाकारी बाबाओं के लिये ट्रैन और बसे जलाई जाती है लेकिन इन बेगुनाहो की हत्याओं पर किसी तरह का बड़ा प्रदर्शन नही होता क्योकि हमे दुनिया से डर लगता है, कही उलझा ना दे, कही मार दे, कही झूठे मुकदमो में उलझाकर जेल न भेज दे लेकिन हम ये भूल जाते है कि हर एक चीज़ अल्लाह के इख्तियार में है, वो हर शह पर क़ादिर है। हमे उसकी ज़ात पर पूरी तरह यकीन करना पड़ेगा। कैसी भी और कोई भी मुश्किल क्यो न हो वो मुश्किल कुशा है।
किसी के भरोसे न बैठो और उठो मेरी मुर्दा होती जा रही क़ौम के लोगो और इन जालिमो के खिलाफ खुद खड़े हो जाओ।
जुल्म के सारे हुनर हम पर यूँ आजमाये गये,
जुल्म भी सहा हमने और जालिम भी कहलाये गये….

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