मेट्रो किराया वृद्धि के खिलाफ छात्रों ने किया प्रदर्शन

नई दिल्ली ( एस.बी.मोहम्मद आसिफ ) दिल्ली राज्य न केवल दिल्ली में रहने वालों के लिए है बल्कि इसने देश के अलग-अलग राज्यों से आए हुए छात्रों, नौकरीपेशा नौजवानों एवं मजदूरों को आश्रय दिया है| दिल्ली जैसे सघन आबादी वाले क्षेत्र में तीव्र आवागमन के चलते जीवन को सुचारू रूप से चलने के लिए सार्वजनिक यातायात के साधनों की अहम्भू मिका है|

जिस तरह मुंबई और कोलकाता में लोकल ट्रेन को उनकी लाइफलाइन माना जाता है उसी प्रकार पिछले 15 सालों में दिल्ली मेट्रो रेल ऐसी ही एक लाइफलाइन के रूप में उभरकर सामने आई है| इसने आवागमन को न केवल द्रुतगामी बनाया है बल्कि सुरक्षित भी बनाया| परंतु पिछले साल कुल मिलाकर २ बार मेट्रो रेल के किराए में लगभग 4 गुना की वृद्धि कर दी गई| आंकड़ों के अनुसार

इससे मेट्रो रेल के लगभग 3 लाख यात्रियों ने दिल्ली की सार्वजनिक बसों को मेट्रो का विकल्प चुना| मेट्रो किराये में वृद्धि ने न केवल छात्रों और मजदूर एवं नौकरी पेशा वर्ग पर आर्थिक बोझ डाला है बल्कि यात्रा के समय एवं सुविधाओं को जटिल
किया है|

मेट्रो रेल के किराए में वृद्धि के खिलाफ कई संगठनों एवं पार्टियों ने अपना विरोध दर्ज कराया है| इसी कड़ी में ऑल इंडिया डेमोक्रेटिक स्टूडेंट्स ऑर्गनाइजेशन की दिल्ली राज्य इकाई ने डीएमआरसी के हेड क्वार्टर का घेराव किया| सभी प्रदर्शनकारी बाराखंबा मेट्रो स्टेशन पर इकट्ठा हुए और फिर वहां से एक रैली के रूप में डीएमआरसी भवन पहुंचे| डीएमआरसी भवन पहुंचकर रैली एक सभा में परिवर्तित हो गई|

सभा को संबोधित करते हुए संगठन के दिल्ली राज्य अध्यक्ष प्रशांत कुमार ने कहा कि मेट्रो के किराए में वृद्धि हो जाने के कारण से  दूर दराज से आने वाले छात्रों को मजबूरन बसों में सफर करना पड़ता है| दिल्ली के असुरक्षित माहौल में छात्राओं के लिए मेट्रो के विकल्प खतरों से खाली नहीं हैं|

“दूर दराज़ से अपने शिक्षण संस्थानों तक पहुँचने वाले छात्रों के समय का बड़ा भाग  केवल  सफर करने में निकल जाता है  जिससे उनके अध्ययन में बाधा पड़ती है| यह एक तरीके से  शिक्षा के अधिकार पर ही प्रहार है|

इसके अलावा बस में आए दिन छात्राओं के साथ ईव टीजिंग होती रहती हैं| बस में सफ़र करने के कारण से ऐसी घटनाएं बढ़ती जा रही हैं  क्योंकि  महिला स्पेशल  या  छात्रों के लिए चलाई जाने वाली  यूनिवर्सिटी स्पेशल बस सेवाओं को  भी बाधित किया जा रहा है|  हमारी मांग है  कि  छात्रों को  मेट्रो में रियायती पास  की सुविधा  मुहैया कराई जाए|”,

अपने भाषण में  प्रशांत कुमार ने कहा| इस प्रदर्शन के दौरान डीएमआरसी के मैनेजिंग डायरेक्टर मंगू सिंह को एक ज्ञापन सौंपा गया| संगठन ने एक रेफरेंडम का भी अभियान चलाया था जिसमें अधिकतम छात्रों ने रियायती मेट्रो पास और मेट्रो किराए में वृद्धि को वापस लेने की मांग उठाई है| कार्यक्रम का संचालन संगठन की प्रदेश सचिव श्रेया सिंह ने किया| इस प्रदर्शन को महिला संगठन ऑल इंडिया महिला सांस्कृतिक संगठन, युवा संगठन ऑल इंडिया डेमोक्रेटिक यूथ आर्गेनाईजेशन तथा मजदूरों के संगठन ऑल इंडिया यूनाइटेड ट्रेड यूनियन सेंटर ने अपना समर्थन दिया। “मेट्रो किराए में वृद्धि को वापस लो और छात्रों को रियायत मेट्रो पास मुहैया करओ” के नारों के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ|

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